मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व बसपा सुप्रीमो मायावती।

सार
जेडीयू महासचिव बोले, यूपी सरकार के फैसले से विपक्षी दलों को मिला हमले का मौका
बसपा प्रमुख ने सीएम योगी के फैसले को बताया स्वागत योग्य कदम

राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाले यूपी के बच्चों की वापसी पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस फैसले का विरोध किया है तो यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने योगी सरकार का समर्थन किया है। विधानसभा चुनाव से पहले छात्रों की वापसी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सवालों से घिरे नीतीश ने गृहमंत्री अमित शाह से बात कर यूपी सरकार के इस कदम पर एतराज जताते हुए दखल की मांग की है। चर्चा है कि नीतीश के पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात की है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने स्वीकार किया कि कहा कि नीतीश ने गृहमंत्री से बातचीत कर अपना एतराज जताया है। यूपी सरकार के फैसले के कारण बिहार सरकार के सामने धर्म संकट की स्थिति पैदा हो गई है। विरोधी दलों को चुनावी साल में हम पर हमला करने का मौका मिल गया है। जेडीयू सूत्रों ने बताया कि जब बीते 23 मार्च को योगी सरकार ने दिल्ली से प्रवासी मजदूरों को बस से वापस बुलाया था तब भी नीतीश ने केंद्र सरकार के समक्ष नाराजगी जताई थी।

नीतीश का कहना था कि इस फैसले ने उन पर अपने राज्यों के प्रवासी मजदूरों को भी वापस लाने का दबाव बना दिया है। तब केंद्र सरकार में शीर्ष स्तर पर पूरे मामले में हस्तक्षेप किया गया। अब कोटा से छात्रों को वापस लाने के नए सिरे से टकराव की स्थिति बनी है।

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