E-filing facilities will be available in consumer courts

उपभोक्ता अदालतों में वाद दाखिल करने वालों को आने वाले दिनों में ई-फाइलिंग की सुविधा मिलेगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले साल तक देशभर की उपभोक्ता अदालतों को 100 फीसदी डिजिटल कर दिया जाएगा। मंत्रालय ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज उपभोक्ता अदालतों में मान्य होंगे।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने देश की 655 में 621 उपभोक्ता अदालतों को कंप्यूटराइज्ड ऑफ कंज्यूमर फोरम इन कंट्री (कॉनफोनेट) से जोड़ दिया है। कॉनफोनेट एक पोर्टल है, जिसके जरिए देशभर में लंबित उपभोक्ता मामलों से संबंधित सूचनाएं सामान्य जन के लिए ऑनलाइन जारी की जाती हैं।  

वहीं, उपभोक्ता फोरम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ लंबित मामलों के तेजी से निपटाने के लिए नए नियम आने के बावजूद देशभर की जिला उपभोक्ता फोरम में लगभग 400 से ज्यादा पद खाली पड़े हुए थे। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नियम तय कर जजों की नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप खत्म करने को कहा था। 

नए नियमों में तय किया गया है कि हाईकोर्ट की सहमति पर जिला उपभोक्त फोरम में जिला जजों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं, राज्य आयोग में हाईकोर्ट के जज यह भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने पिछले साल देश की उपभोक्ता अदालतों के रवैये पर सवाल खड़ा किया था।

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