अब सड़क, रेल, हवाई या अन्य दुर्घटना में अचानक मौत पर ही मुवाअजा नहीं मिलेगा बल्कि किसी शख्स की मौत मच्छर (consumer redressal commission) के काटने से होती है तो भी उसके परिवार जनों को क्लेम मिलेगा। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महिला की याचिका पर यह अहम फैसला सुनाया। दरअसल, साल 2012 में मौसमी भट्टाचार्य के पति देबाशीष की मच्छर के काटने से मौत हो गई थी।

मौसमी की याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस वी के जैन ने कहा, हमारे लिए यह मानना कठिन होता है कि मच्छर के काटने से हुई मौत दुर्घटना में शामिल नहीं होती। इससे विवाद होने की संभावना रहती है। दरअसल, मच्छर का काटना भी ऐसी दुर्घटना (consumer redressal commission) है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं होती, यह अचानक होती है।

आयोग के अनुसार, बीमा कंपनी की वेबसाइट पर दी गई सूचना के अनुसार यदि दुर्घटना में सांप का काटना और कुत्ते का काटना जैसी घटनाओं को शामिल किया जा सकता है तो फिर मच्छर को काटने को क्यों नहीं। ऐसे में बीमा कंपनियों की यह दलील स्वीकार नहीं की जा सकती है मच्छर के काटने से मलेरिया होना सिर्फ रोग है, दुर्घटना नहीं।

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