जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में नियुक्ति कब होगी, इसको लेकर कयासों का बाजार गर्म है। इससे जुड़े लोगों में इस बात की चर्चा है कि अगर सरकार बदली तो विज्ञापन रद्द भी हो सकता है। ऐसा नियुक्ति नियमावली में परिवर्तन के लिए किया जाएगा।

दरअसल चुनाव की घोषणा से पहले ही अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था। लोगों ने आवेदन भी किए हैं। परंतु इससे आगे की प्रक्रिया होती, इस बीच विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गई। इसके कारण आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। अब आचार संहिता हटने के बाद ही नियुक्ति संभव है। अगर नियुक्ति नियमावली में कोई परिवर्तन नहीं हुआ तो। जिला उपभोक्ता फोरम का कामकाज करीब दो साल से ठप है। एक साल पहले एक सदस्य रिटायर हुए जबकि इस साल जनवरी के शुरू में अध्यक्ष पंकज कुमार सेवानिवृत्त हो गए। सदस्य के रिटायर होने के बाद से ही मामलों की सुनवाई ठप थी। सुनवाई के लिए दो लोगों का होना अनिवार्य है। ऐसे में अगर नियुक्ति में अड़चन लगी तो और कितने वक्त तक फोरम खाली रहेगा, कहना कठिन है। पूर्व में पद इसलिए खाली रहे क्योंकि सदस्यों की योग्यता को लेकर विवाद हो गया था और मामला ऊपरी अदालत में चला गया था। बाद में राज्य सरकार ने इसमें बदलाव कर कैबिनेट की मंजूरी लेकर अधिसूचना जारी की।

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