अच्छी खबर! एक करोड़ रुपए तक वसूली के लिए लोग जिला उपभोक्ता फोरम में फरियाद लगा सकेंगे। इसके लिए केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने जिला उपभोक्ता फोरम के अधिकारों में वृद्धि की है।
 
साथ ही मंत्रालय ने झूठे दावे पर उत्पाद बेचने वाली कंपनी और व्यवसायी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले उपभोक्ताओं को अधिक ताकत दी है। फिलहाल उपभोक्ताओं को 20 लाख रुपये तक का दावा जिला फोरम में करने का अधिकार है। इससे अधिक की राशि के लिए उपभोक्ताओं को पटना स्थित राज्य फोरम का रूख करना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बने नए नियमों के अनुसार किसी भी पक्ष को एक ही बार अपील का अधिकार दिया गया है। 

यदि कंपनी या व्यवसायी जिला फोरम में परिवाद हारती हो तो वह केवल राज्य फोरम में अपील कर सकती है। राज्य फोरम के फैसले के खिलाफ दिल्ली के राष्ट्रीय फोरम और सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल नहीं की जा सकेगी। सामान की गुणवत्ता में कमी या विज्ञापन के दावे के अनुसार सेवा और उत्पाद नहीं मिलने पर उपभोक्ता जिला फोरम में फरियाद लगा सकते हैं। पहले इस तरह के मामले जिला फोरम में नहीं सुनी जाती थी। सुनवाई के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर दोषी कंपनी और व्यवसायी को पांच साल की जेल या दस लाख रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है।

परिवादी को अब होगी सहूलियत
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मंत्रालय ने नियमों में फेरबदल किया है। शीघ्र ही नए नियम लागू होंगे। बताया कि नए नियम के मुताबिक अब परिवादी अपनी सुविधा के अनुसार कहीं भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। पहले जिस जगह विपक्षी पार्टी रहती थी परिवादी सिर्फ वहीं शिकायत कर पाते थे।

वेतन अपर सचिव के स्तर का
फोरम के अध्यक्ष और सदस्य का वेतन अपर सचिव के स्तर के अधिकारी के बराबर किया जाएगा। इसके सदस्य के वेतन 30 हजार से बढ़ाकर 78 हजार रुपये तक हो जाएगा। इसके लिए बजावता गटज भी प्रकाशित हो चुका है। सरकार के नए नियम लागू होने के बाद वेतन वृद्धि होने से फोरम के सदस्यों में भी खुशी देखी जा रही है। 

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